भारत में कही देखा है एशिया का सबसे सुन्‍दर व स्वच्छ गांव


डिजिटल डेस्क :भारत में जहां अधिकतर गाँवो की हालत बहुत ही खराब व दयनीय स्थिति में है यह खबर सुनकर आप आश्चर्यचकित हो जाएंगे की भारत में आज भी ऐसा एक गांव मौजूद है जिसे एशिया के सबसे साफ सुथरे गांव की श्रेणी में जाना जाता है. यह है भारत के मेघालय में मौजूद मावल्यान्नॉंग गांव.

इस गांव की बहुत सी बाते खास है जिसके कारण यह गांव अपनी प्रसिद्धि पा चूका है. इस गांव को भगवान के बगीचे के नाम से भी जाना जाता है. आपको जानकर हैरानी होगी की इस गांव की साक्षरता दर सौ फीसदी है. तथा शिक्षा के साथ यह गांव साफ सफाई के मामले में भी काफी आगे है. इस गांव के अधिकांश लोग पढ़े लिखे है.

मावल्यान्नॉंग गांव अपनी अनुपम सुंदरता से पर्यटकों को भी खासा आकर्षित करता है. यह गांव शिलांग व भारत बांग्लादेश की बार्डर से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित है. इस गांव के अधिकांश  ग्रामीण लोग सुपारी की खेती कर अपना जीवन यापन करते है.

यहां पर घरो से निकलने वाले कचरे को लोग बांस से बने डस्टबिन में इकट्ठा कर उन्हे खेती के लिए खाद के रूप में प्रयुक्त करते है. तथा इसके लिए वहां जगह जगह इन बांस के डस्टबिन को लगाया गया है. 

ताकि गांव में गंदगी न फैल पाएं. यहां के ग्रामीण स्वयं ही पूरी साफ़ सफाई करते है व सरकार व प्रशासन पर केंद्रित नही होते है.

वहां साफ सफाई का जिम्मा महिला हो या पुरुष बच्चे हो या बढ़े हर कोई इसे निभाता है. गंदगी नजर आने पर सभी स्वच्छता में लग जाते है. तथा इसके लिए कोई समय नही देखते है. इस गांव के ग्रामीणों की एक खास बात यह है की अगर कही पर कचरा नजर आता है तो वे फौरन ही रूककर सबसे पहले उसे साफ कर डस्टबिन में डालते है.

मावल्यान्नॉंग गांव 2003 में एशिया का सबसे साफ और 2005 में भारत का सबसे साफ गांव का ख़िताब प्राप्त कर चूका है। तथा यही खास बात इस गांव को दूसरे गांव से अलग करती है. यह क्षेत्र पर्यटन के लिहाज से भी काफी खूबसूरत है.

यहां आपको खूबसूरत पानी के झरने, पेड़ो की लंबी लंबी जड़ो से बने आकर्षक ब्रिज जो आपको आश्चर्यचकित कर देंगे. यहां बैलेंसिंग रॉक्स भी हैं. यहां पर्यटकों के लिए आकर्षक जगह है वह है करीब 80 फिट की ऊंचाई पर से शिलांग की आकर्षक व प्राकृतिक खूबसूरती को निहारना. जो आपको हैरत में डाल देगा.  



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