उत्तराखंड क्रांति दल ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर सरकार के खिलाफ बोला हल्ला, पुलिस के साथ हुई झड़प 


देहरादून : प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। कार्यकर्ताओं  ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

जिस पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई।  कार्यकर्ताओं  ने बेरिकेडिंग पर ही धरना देकर सरकार के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया।

गुरुवार को उक्रांद कार्यकर्ताओं  ने गांधी पार्क से रैली के रूप में सीएम आवास कूच किया। नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे कार्यकर्त्‍ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला में बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

पुलिस के रवैये से नाराज कार्यकत्ताओं ने बेरिकेडिंग के पास ही धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि साल दर साल बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार के पास बेरोजगार पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है।

संविदा व ठेका प्रथा के जरिए जो रोजगार दिया जा रहा है उससे युवाओं का भविष्य चौपट हो रहा है। स्थिति यह कि रोजगार की तलाश में युवा महानगरों का रुख करने को मजबूर हैं।

इससे लगातार पलायन बढ़ रहा है। कहा कि कोरोना महामारी के कारण जो प्रवासी वापस लौटे हैं, उन्हें भी रोजगार या स्वरोजगार देने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। ऐसे में प्रवासी अब वापस लौटने लगे हैं।

उक्रांद ने मांग की है कि युवाओं को रोजगार देने के लिए ठोस व कारगर नीति बनाई जाए। सरकारी महकमों में रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जाए। उपनल, पीआरडी आदि एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्स व संविदा की भर्ती पर अविलंब रोक लगाई जाए।

समूह ग की भर्ती को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर किया जाए। शिक्षा विभाग में वर्तमान में प्रवक्ता के लिए जो भर्ती प्रक्रिया चल रही है उसे पूर्व नियमावली-2015 के तहत किया जाए। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के मद्देनजर परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद किया जाए।

प्रदर्शनकारियों में दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार, बीडी रतूड़ी, कार्यकारी अध्यक्ष एपी जुयाल, ओमी उनियाल, लताफत हुसैन, शिवप्रसाद सेमवाल, एनके गुसाईं, जय प्रकाश उपाध्याय, सुनील ध्यानी, बहादुर सिंह रावत, केएन डोभाल, नवीन भदूला, राजेंद्र बिष्ट, प्रमिला रावत, रेखा मियां, मीनाक्षी सिंह, किरन रावत, सुमन राणा, शकुंतला रावत आदि शामिल थे।



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